77 साल बाद मिला मालवाहक जहाज का मलबा, 1942 में जापान ने बनाया था निशाना

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सिडनी. आस्ट्रेलिया का माहवाहक जहाज एसएस आयरन क्राउन बीते 8 दशकों से एक पहेली बना हुआ था। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान बास स्ट्रेट से गुजर रहे इस जहाज पर जापानी पनडुब्बी ने टारपीडो से हमला किया गया था। तब जहाज समुद्र में डूब गया, लेकिन उसके अवशेष नहीं मिल पा रहे थे। सीएसआईआरओ (आस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों का समूह) की टीम ने आखिरकार न्यूसाउथ वेल्स के पास से इसका मलबा तलाश कर लिया है। यह समुद्र की सतह से 7 सौ मीटर भीतर पाया गया।

  1. 4 जून 1942 को जब जहाज डूबा, तब उस पर आस्ट्रेलियाई मर्चेंट नेवी के 43 कर्मी सवार थे। इनमें से 38 की मौत हो गई थी। जहाज लगभग 100 मीटर लंबा था और यह लोहा ढोने का काम करता था। हमले के बाद महज एक मिनट के भीतर जहाज समुद्र में डूब गया था।

  2. हेरिटेज विक्टोरिया से संबंद्ध आर्कियोलॉजिस्ट पीटर हार्वे का कहना है कि इसे तलाश करना बहुत बड़ा काम था, क्योंकि किसी को नहीं पता था कि जहाज समुद्र में किस जगह पर डूबा था। इससे जुड़ी चीजों को उन लोगों को दिखाया जाएगा, जिनके परिजन इस हादसे में मारे गए थे।

  3. एसएस आयरन क्राउन का मलबा तलाश करने के लिए मल्टी बीम सोनर उपकरणों के साथ स्पेशल ड्रॉप कैमरों की मदद ली गई। सीएसआईआरओ की टीम ने मलबे को विक्टोरियन कोस्ट लाइन से 100 किमी दूर स्थित न्यूसाउथ वेल्स स्टेट बार्डर से तलाश किया।

  4. आस्ट्रेलिया नेशनल मेरीटाइम म्यूजियम की चीफ साइंटिस्ट एमिली जटेफ का कहना है कि सोनर प्रणाली और ड्रॉप कैमरों की मदद से उस जगह का सारा ब्योरा एकत्र किया गया जहां जहाज दफन हुआ था। उनका कहना है कि मलबा मिलने की खबर हमारे लिए खुशी के साथ ढेर सारा गम भी लेकर आई है।

  5. उनका कहना है कि आस्ट्रेलिया के लिहाज से यह बहुत महत्वपूर्ण खोज है। जहाज को तलाश करने वाले दल के सदस्यों को खुशी है कि वो इतने महत्वपूर्ण अभियान का हिस्सा बन सके। लेकिन एक तथ्य जो बार-बार दिल को झिंझोड़ रहा है, वह यह कि इतने सारे लोगों की जान इस घटना में चली गई थी।

  6. एमिली का कहना है कि स्टेट ऑफ विक्टोरिया और आस्ट्रेलिया की सरकार योजना बना रही है कि एसएस क्राउन की तलाश को मेमोरियल सर्विस में शुमार किया जाए और जो लोग घटना के समय जहाज पर थे उनका सम्मान किया जाए।

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      प्रतीकात्मक फोटो



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