भारतीय उच्चायोग भी आतंकियों के निशाने पर था, चरमपंथी के वीडियो के आधार पर भारत ने भेजा अलर्ट

0
9





नई दिल्ली/कोलंबो. श्रीलंका में 28 अप्रैल को हुए सिलसिलेवार धमाकों के दौरान भारतीय उच्चायोग भी आतंकियों के निशाने पर था। कोयम्बटूर में आईएस मॉड्यूल की जांच के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को श्रीलंका के चरमपंथी जाहरान हाशिम का वीडियो मिला था। इस वीडियो में भारतीय उच्चायोग को निशाना बनाए जाने के संकेत थे। इसी आधार पर भारतीय अधिकारियों ने श्रीलंका की खुफिया एजेंसियों को आतंकी हमले के संबंध में अलर्ट भेजा था।

जाहरान हाशिम के संबंध में मुस्लिम समुदाय लगातार श्रीलंका के अधिकारियों के सामने चिंता जाहिर कर रहा था। यह नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) का सरगना भी है, जिस पर श्रीलंका सरकार को धमाकों में शामिल होने का शक है। श्रीलंका की मुस्लिम काउंसिल के उपाध्यक्ष हिल्मी अहमद ने बताया कि हाशिम के सोशल मीडिया अकाउंट पर सभी वीडियो भारत से अपलोड किए गए। वह यहां आता-जाता भी था।

आईएस के वीडियो में नजर आया था हाशिम
हमलों की जिम्मेदारी लेने वाली इस्लामिक स्टेट द्वारा जारी वीडियो में हाशिम 7 नकाबपोश आतंकियों के साथ नजर आया। आईएस ने दावा किया था कि इन्हीं आतंकियों ने श्रीलंका में धमाकों को अंजाम दिया। बाट्टीकालोआ के रहने वाले हाशिम ने एनटीजे की स्थापना 2014 में की थी।

श्रीलंका, तमिलनाडु और केरल में इस्लामिक शासन लाने के भाषण देता था

  • भारतीय अधिकारी ने न्यूज एजेंसी को बताया कि एनआईए इस महीने की शुरुआत में आईएस से जुड़े एक मामले की जांच कर रही थी। एनआईए ने इस मामले में 7 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। एक आरोपी से हाशिम का वीडियो हासिल हुआ। इसमें भारतीय उच्चायोग पर हमले के संकेत थे।
  • एनआईए की जांच में पता चला कि आरोपी आईएस की हिंसक चरमपंथी विचारधारा से प्रभावित थे और इसे सोशल मीडिया पर भी फैलाने में लगे थे।
  • एक आरोपी लगातार हाशिम के संपर्क में था, क्योंकि वह आईएस में शामिल होना चाहता था।
  • इस जांच के दौरान हाशिम के एक वीडियो की भी जांच की गई। इसमें कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग पर हमले के संकेत मिले।
  • इसके बाद आईएस से जुड़े अकाउंट्स की जांच के दौरान भी एनआईए को पता चला कि आईएस मॉड्यूल श्रीलंका में चर्चों को निशाना बना सकता है।
  • वीडियो में हाशिम युवाओं से श्रीलंका, तमिलनाडु और केरल में इस्लामिक शासन स्थापित करने की बात कहता था।
  • भारतीय अधिकारियों ने कहा कि कोयम्बटूर आईएस मॉड्यूल से जुड़े आरोपियों से दोबारा पूछताछ की जा सकती है। हो सकता है कि इन्हें श्रीलंका के धमाकों के बारे में जानकारी हो।

तस्करी की नावों से दक्षिण भारत आता-जाता था हाशिम

हिल्मी अहमद ने बताया कि सोशल मीडिया पर हाशिम के हजारों फॉलोअर हैं। वह दक्षिण भारत से आने और जाने के लिए तस्करी की नावों का इस्तेमाल करता था। जाहरान मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार से था। उसने एक मुस्लिम कॉलेज से पढ़ाई पूरी की। स्थानीय मस्जिद के अधिकारियों के लिए जाहरान परेशानी का सबब था। एक बार उसने मस्जिद में तलवार भी निकाल ली थी। वह पारंपरिक मस्जिद से जुड़े लोगों की हत्या करना चाहता था। अभी हम इस बारे में नहीं जानते हैं कि जाहरान जिंदा है या फिर मुर्दा।

‘किसी ने नहीं सोचा था ये लोग इतने बड़े हमले को अंजाम दे सकते हैं’
अहमद ने बताया- तीन साल पहले उन्होंने स्थानीय अधिकारियों के सामने उन्होंने जाहरान को लेकर चिंता जाहिर की थी। वह अकेला काम करता था और युवाओं को चरमपंथ की ओर धकेलने की कोशिश करता था। हालांकि, यह किसी ने नहीं सोचा था कि वह इतने बड़े हमले को अंजाम दे सकता है।

श्रीलंका सरकार को भी हाशिम पर शक
श्रीलंका सरकार पहले ही अप्रत्यक्ष तौर पर हमलों में हाशिम की भूमिका की बात कह चुकी है। सरकार ने कहा था कि धमाकों के पीछे एनटीजे का हाथ होने की आशंका है। भड़काऊ भाषण देने वाले इस व्यक्ति के संबंध में श्रीलंका का मुस्लिम समुदाय कई साल से अधिकारियों को चेतावनी दे रहा था। न्यूज एजेंसी के मुताबिक अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि आत्मघाती हमलावरों में जाहरान शामिल था या नहीं। एक सूत्र ने कहा कि जब तक हम डीएनए टेस्ट नहीं कर लेते, तब तक कुछ भी पुख्ता तौर पर नहीं कहा जा सकता है। अभी भी यह साफ नहीं है कि हमले को सीधे तौर पर एनटीजे ने अंजाम दिया है कि किसी और संगठन ने।

रक्षा मंत्री रुवान विजयवर्धने ने मंगलवार को कहा था- एनटीजे के मुख्य संगठन से एक ग्रुप अलग हो गया था। हमारा मानना है कि इस ग्रुप के मुखिया ने भी फिदायीन हमला िकया था। श्रीलंका के अधिकारी अभी यह पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि एनटीजे या उससे अलग हुए ग्रुप को किस हद तक आईएस से मदद मिली। लेकिन, यह सामने आया है िक जाहरान के अंतरराष्ट्रीय लिंक थे।

मंत्री ने कहा- अधिकांश आत्मघाती अच्छे परिवारों से, एक ने यूके में पढ़ाई की
रुवान ने बताया- रविवार को हुए श्रंखलाबद्ध धमाकों में शामिल आत्मघाती हमलावरों में अधिकांश अच्छे परिवारों से हैं। एक हमलावर ने यूके से पढ़ाई की है। इस हमले में नौ आत्मघाती हमलावर शामिल थे। एक हमलावर निश्चित रूप से इन हमलावरों में से किसी एक की पत्नी थी।

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें


आईएस द्वारा जारी वीडियो का स्क्रीन शॉट। इस वीडियो में जाहरान हाशिम बिना नकाब के दिखाई दिया। धमाकों में इसकी मुख्य भूमिका होने का शक।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here