तेहरानः सुषमा स्वराज और अरागची की हुई मुलाकात, आतंकवाद से एकसाथ निपटने पर हुए सहमत

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ईरान और भारत ने पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश दिया जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज शनिवार को ईरान में रुकीं. इससे कुछ दिनों पहले ही दोनों देशों ने पाकिस्तानी से आए आतंकवादियों द्वारा किए गए हमलों में अपने सैनिकों को खो दिया था. न्यूज 18 की खबर के अनुसार सुषमा स्वराज ने ईरान के उप विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अरागची से मुलाकात की. उन्होंने अपने तीन देशों के दौरे के भाग के रूप में बुल्गारिया की भी यात्रा की. पिछले कुछ दिनों में ईरान और भारत दोनों को आतंकवादी हमलों का सामना करना पड़ा जिसके परिणामस्वरूप कई जवानों की मौत हो गई.

आतंकवादी हमले में भारत ने 40 सीआरपीएफ जवानों को खो दिया

अरागची ने ट्वीट किया- सुषमा स्वराज के साथ आज मेरी मुलाकात हुई जब तेहरान में वह ठहरी थीं. हम इस क्षेत्र में आतंकवाद से निपटने के लिए निकट सहयोग पर सहमत हुए. अब बहुत हो गया. बीते गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में पाकिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद द्वारा किए गए एक आतंकवादी हमले में भारत ने 40 सीआरपीएफ जवानों को खो दिया था. वहीं ईरान में भी एक आत्मघाती हमला हुआ था जिसमें ईरान रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के 27 सैनिकों की मौत हो गई थी.

Iran & India suffered from two heinous terrorist attacks in the past few days resulted in big casualties. Today in my meeting with Sushma Swaraj the Indian FM, when she had a stopover in Tehran, we agreed on close cooperation to combat terrorism in the region. Enough is enough! pic.twitter.com/uvwlx45pZ6
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) February 16, 2019

पाकिस्तान की सरकार आतंकियों को पनाह देती है

ईरानी सेना के मेजर जनरल मोहम्मद अली जाफरी ने आतंकी संगठन जैश-अल-अदल का जिक्र करते हुए कहा, पाकिस्तान की सरकार ऐसे आतंकियों को पनाह देती है, जो हमारी सेना और इस्लाम के लिए खतरा है. उसे पता है कि ये लोग कहां छिपे हैं और पाकिस्तानी सुरक्षा बल उन्हें समर्थन देने का काम करते हैं. बता दें कि जैश अल-अदल का गठन 2012 में सुन्नी चरमपंथी समूह जुंडला के उत्तराधिकारी के रूप में किया गया था.

एमबीएस भारत की यात्रा करेंगे जहां वह पीएम मोदी से मिलेंगे

उन्होंने 2010 में अपने नेता अब्दोल्मलेक रिगी के कब्जा करने और निष्पादन से गंभीर रूप से कमजोर होने से पहले एक दशक तक घातक विद्रोह किया था. बता दें कि ईरान के क्षेत्रीय कट्टर-प्रतिद्वंद्वी सऊदी अरब के ताज के मोहम्मद बिन सलमान (एमबीएस) द्वारा पाकिस्तान में दो दिवसीय यात्रा से एक दिन पहले ही ईरान में सुषमा स्वराज का ठहरी थीं. पाकिस्तान के बाद एमबीएस भारत की यात्रा करेंगे जहां वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात करेंगे.



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