दुनिया का सबसे खतरनाक वायरस वाला लैपटॉप 8 करोड़ रुपए में बिका

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नई दिल्ली. दुनिया के 6 सबसे खतरनाक वायरस वाला लैपटॉप ऑनलाइन बिक गया। इसकी कीमत 8.4करोड़ रुपए (1.2 मिलियन डॉलर)लगाई गई। इनवायरस नेदुनियाभर में 100 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा का नुकसान किया।इसलिए इसे दुनिया की सबसे खतरनाक मशीन माना जा रहा है।

सैमसंग एनसी 10-14 जीबी 10.2 इंच लैपटॉप (2008) कोThe Persistence of Chaos आर्ट वर्कनाम दिया गया है। इसमेंविंडो XPहै। इसकी नीलामी साइबर सिक्युरिटी फर्म डीप इन्स्टिंक्ट ने की। इस फर्म का कहना है कि यह वायरस किसी तरह से खतरनाक साबित न हो, इसके लिए उन्होंने पर्याप्त कदम उठाए हैं। यह लैपटॉप एयर-गैप्स है। यानी, यह सीधे तौर पर इंटरनेट से जुड़ा नहीं है, जिससे दूसरे नेटवर्क में वायरस नहीं फैल सकते हैं। साथ ही, खरीदार को यह लैपटॉप देने से पहले इसकी इंटरनेट कैपबिलिटी को डिसेबल कर दिया जाएगा।

मालवेयर को बेचना गैर कानूनी

इन छह वायरस के नाम आईलवयू, माईडूम, वानाक्राई, डार्क टेकुला और ब्लैक एनर्जी वायरस हैं। जानकारों का कहना है कि वायरस से भरी इस मशीन का बिकना संभव नहीं था, इसलिए इसे आर्ट वर्क के तौर पर बेचा गया। नीलामी के लिस्टिंग पेज पर यह साफ कर दिया गया था कि यह ऑक्शन सिर्फ एकेडमिक वजहों से किया जा रहा है, क्योंकि ऑपरेशनल मकसद से किसी भी तरह के मालवेयर को बेचना गैर-कानूनी है।

भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं ये वायरस
इन छह वायरसों में कुछ आज भी भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। पहले भी इन्होंने भारी नुकसान किया था। वानाक्राई रेनसमवेयर की वजह से यूके के नेशनल हेल्थ सर्विस को 100 बिलियन डॉलर का नुकसान पहुंचाया था। पूरी दुनिया में करीब 2 लाख कम्प्यूटर इससे प्रभावित हुए थे। 2015 में यूक्रेन मेंब्लैकएनर्जी वायरसब्लैकआउट की वजह बना था।

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