मुलर बोले- ट्रम्प को क्लीन चिट नहीं, राष्ट्रपति पर आरोप लगाने की पॉवर नहीं इसलिए संसद को रिपोर्ट भेजी

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वॉशिंगटन. 2016 के अमेरिकी चुनाव में रूसी दखल के मामले की जांच कर रहे विशेष अधिवक्ता रॉबर्ट मुलर ने कहा है कि उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को क्लीन चिट नहीं दी थी। उनके पास अधिकार नहीं है कि वे वर्तमान राष्ट्रपति पर आरोप लगा सकें, इसलिए अपनी रिपोर्ट संसद (कांग्रेस) को भेजी है। उधर, ट्रम्प ने ट्वीट किया कि उनके खिलाफ मिले साक्ष्य बेहद कमजोर हैं, मामला खत्म हो चुका है, थैंक यू।

जांच रिपोर्ट पर पहली बार बोले मुलर
यह पहली बार है जब रॉबर्ट मुलर ने अपनी जांच रिपोर्ट को लेकर सार्वजनिक तौर पर कोई बयान दिया है। उनका कहना है कि ट्रम्प के खिलाफ दस ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनमें जांच बाधित करने की कोशिश हुई। कानून विभाग की जो गाइड लाइन हैं, उनके मुताबिक वे राष्ट्रपति पर आरोप नहीं लगा सकते। उनका कहना है कि ट्रम्प पर उंगली न उठाने का मतलब उन्हें क्लीन चिट देना नहीं है।

अप्रैल में कानून मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपी थी
अपनी 448 पेज की रिपोर्ट में 74 वर्षीय मुलर ने कहा- रूसी सेना के अधिकारियों ने डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की थी। 18 अप्रैल को यह रिपोर्ट कानून मंत्रालय को सौंप दी गई थी। हालांकि, रिपोर्ट के आखिर में उन्होंने लिखा कि रूसी दखल के मामले में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिल सके हैं।

ट्रम्प ने कहा- उनके खिलाफ साजिश हो रही
रूसी दखल की जांच को ट्रम्प ने गैरजरूरी करार देते हुए कहा था कि यह उन्हें सत्ता से बेदखल करने की साजिश है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा सैंडर्स ने कहा कि रिपोर्ट से साफ है कि चुनाव के दौरान कोई साजिश नहीं हुई। कानून मंत्रालय ने भी माना है कि जांच को प्रभावित करने की कोशिश नहीं की गई।

अमेरिका में राजनीतिक माहौल गर्माया
मुलर के इस बयान के बाद अमेरिका की राजनीति में उबाल आना शुरू हो गया है। डेमोक्रेट इस मामले में ट्रम्प के खिलाफ महाभियोग लाने की बात कह रहे हैं। सांसद एलिजाबेथ वॉरेन ने ट्वीट किया कि मुलर के बयान के बाद अब संदेह नहीं रह गया है कि ट्रम्प ने चुनाव जीतने के लिए रूस की मदद ली थी। संविधान के मुताबिक संसद उनके खिलाफ कदम उठाने में सक्षम है।

महाभियोग पर डेमोक्रेट एकमत नहीं
ट्रम्प के खिलाफ संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाने पर डेमोक्रेट सांसद ही एकमत नहीं हैं। नेन्सी पेलोसी संसद में डेमोक्रेट्स का नेतृत्व करती हैं। उनका मानना है कि चुनाव से 18 महीने पहले महाभियोग प्रस्ताव लाने में खतरा भी हो सकता है, लेकिन संसद मामले की जांच कराएगी। उधर, डेमोक्रेट सांसद जेरी नडलेर भी महाभियोग का जिक्र करने से बचते दिखे। वे संसद की कानूनी समिति के अध्यक्ष हैं।

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डोनाल्ड ट्रम्प।



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