आतंकियों पर कार्रवाई करने में पाकिस्तान नाकाम, एफएटीएफ ने दिया आखिरी मौका

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इस्लामाबाद. पाकिस्तान एक बार फिर टेरर फंडिंग रोकने के मामले में नाकाम शाबित हुआ है। अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पाक को 27 पॉइंट दिए थे। रविवार को फ्लोरिडा में एफएटीएफ की समीक्षा बैठक हुई। इसमें पाया कि पाक 27 में से 25 पॉइंट्स पर काम करने में नाकाम शाबित हुआ।एफएटीएफ पाक को ग्रे लिस्ट में रखा है। पाक के पास बचने के लिए अब पांच महीने तक का आखिरी मौका है।

एफएटीएफ की बैठक में मौजूद अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान 27 में से 25 पॉइंट्स पर नाकाम शाबित हुआ है। एफएटीएफ की प्लेनरी ने पाक को 27 पॉइंट्स पर काम करने के लिए 15 महीने का समय दिया था।उसके पास अब काम करने के लिए अक्टूबर 2019 तक आखिरी मौका है।अक्टूबर में हीएफएटीएफ का पूर्ण अधिवेशन होने वाला है।

एफएटीएफ ने मांगा49 करोड़ रुपए के आवंटन का ब्योरा

एफएटीएफ आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों की फंडिंग पर नजर रखती है। एफएटीएफ ने पाकिस्तान से कहा था कि स्कूल, मदरसा, स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जो 7 मिलियन डॉलर (लगभग 49 करोड़ रुपए) खर्च करते हुए उस पर निगरानी रखी जाए। एफएटीएफ ने शक जताया था कि इन पैसों में से अप्रत्यक्ष तौर पर लश्कर, जैश और जमात-उद-दावा जैसे आतंकी संगठनों को टेरर फंडिंग होती है। इन पैसों के आवंटन की जांच शुरू हुई या नहीं पाक को यह भी सुनिश्चित कराना होगा।

पाक को लगातार ग्रे लिस्ट में रखा

एफएटीएफ ने पाक को लगातार ग्रे लिस्ट में रखा है। इस लिस्ट में जिस भी देश को रखा जाता है, उसे कर्ज देने में बड़ा जोखिम समझा जाता है। इसके कारण विश्व बैंक, आईएमएफ और ईयू जैसे अंतरराष्ट्रीय कर्जदाताओं ने पाक को आर्थिक मदद और कर्ज देने में कटौती की है। इस कारण पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हुई है।

जैश ने पुलवामा में फिदायीन हमला कराया था
अंतरराष्ट्रीय आतंकी हाफिज सईद ने जमात-उद-दावा तथा फलाह-ए-इंसानियत की स्थापना की थी। आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने भारत में 2008 मुंबई हमला कराया था। लश्कर ने 1999 में एक भारतीय विमान का अपहरण भी किया था। इसी साल पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले की बस पर फिदायीन हमला हुआ था। इसमें 40 जवान शहीद हुए थे। हमले की जिम्मेदारी जैश ने ली थी।

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इमरान खान। -फाइल



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