कुलभूषण जाधव केस मामले का पूरा घटनाक्रम

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नई दिल्ली
इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) ने बुधवार को फैसला सुनाया कि को भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को सुनाई गई फांसी की सजा पर फिर से विचार करने को कहा है। कोर्ट ने जाधव को कांउसलर एक्सेस नहीं देने के पाकिस्तान के फैसले को गलत ठहराया और उसे वियना संधि के उल्लंघन का दोषी पाया। आइए जानते हैं कि जाधव मामले में …

3 मार्च 2016
पाकिस्तान ने नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को गिरफ्तार किया।

24 मार्च, 2016
पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया कि जाधव ‘भारतीय जासूस’ हैं, जिन्हें बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ्तार किया गया।

26 मार्च, 2016
सरकार ने दावा किया कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ईरान में कार्गो कारोबार के मालिक जाधव को बलूचिस्तान में गिरफ्तार किया गया था, जैसाकि पाकिस्तान ने दावा किया था।

29 मार्च, 2016
भारत ने जाधव के लिए इस्लामाबाद से राजनयिक पहुंच की अनुमति मांगी। अगले एक साल में उसने 16 ऐसे अनुरोध किए, जिन्हें पाकिस्तान ने अस्वीकार कर दिया।

10 अप्रैल, 2017
एक पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने जाधव को ‘पाकिस्तान के खिलाफ जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों’ में शामिल होने के लिए मौत की सजा सुनाई। भारत ने इस्लामाबाद को आगाह किया कि यह पूर्व-नियोजित हत्या का मामला है।

11 अप्रैल, 2017
तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद के दोनों सदनों में बयान दिया कि जाधव को न्याय दिलाने के लिए भारत हर कदम उठाएगा।

14 अप्रैल, 2017
भारत ने पाकिस्तान से आरोपपत्र की प्रमाणित प्रति के साथ-साथ जाधव को मौत की सजा के फैसले की प्रति की मांग की और उनके लिए दूतावास संबंधी पहुंच देने की मांग की।

20 अप्रैल, 2017
भारत ने आधिकारिक तौर पर कुलभूषण जाधव के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही के साथ-साथ मामले में अपील की प्रक्रिया का विवरण भी मांगा।

27 अप्रैल, 2017
तत्कालीन विदेश मंत्री स्वराज ने पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज को पत्र लिखकर जाधव के परिवार के लिए वीजा का अनुरोध किया।

8 मई, 2017
भारत ने पाकिस्तान सैन्य अदालतों के फैसले के खिलाफ हेग में ICJ का दरवाजा खटखटाया।

9 मई, 2017
ICJ ने जाधव की फांसी पर रोक लगा दी।

15 मई, 2017
ICJ में जाधव के मामले पर भारत और पाकिस्तान में बहस हुई। नई दिल्ली ने मौत की सजा को तुरंत रद्द करने की मांग की और इस्लामाबाद पर आरोप लगाया कि वह गलत याचिका के जरिए विश्व निकाय के मंच का दुरुपयोग कर रहा है।

18 मई, 2017
ICJ ने अपने अंतिम आदेश तक पाकिस्तान को सजा पर रोक लगाए रखने के लिए कहा।

26 दिसंबर, 2017
पाकिस्तानी सेना द्वारा गिरफ्तार किए जाने और जासूसी का आरोप लगाए जाने के एक साल से अधिक समय बाद, कुलभूषण जाधव अपनी पत्नी और मां से मिले।

17 अप्रैल, 2018
भारत ने जाधव के मामले में ICJमें लिखित जवाब दायर किया।

17 जुलाई, 2018
पाकिस्तान ने जाधव की दोषसिद्धि पर ICJ में अपना दूसरा जवाब दायर किया।

22 अगस्त, 2018
जाधव के मामले की सुनवाई के लिए आईसीजे ने फरवरी 2019 का वक्त निर्धारित किया।

21 नवंबर, 2018
तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कुलभूषण जाधव तक राजनयिक पहुंच देने की मांग की।

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8 फरवरी 2019
कुलभूषण जाधव के मामले में ICJ में चार दिन की सुनवाई हुई।

19 फरवरी 2019
भारत ने ICJ से आग्रह किया कि वह जाधव को पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा दी गई मौत की सजा को रद्द करे और उसकी तत्काल रिहाई का आदेश दे।

20 फरवरी, 2019
भारत ने पाकिस्तान की कुख्यात सैन्य अदालतों के कामकाज पर सवाल उठाए और ICJ से जाधव की मौत की सजा को निरस्त करने का आग्रह किया।

21 फरवरी, 2019
पाकिस्तान ने ICJ से जाधव को राहत देने के लिए भारत के दावे को ‘खारिज या अस्वीकार्य’ घोषित करने के लिए कहा।

4 जुलाई, 2019
ICJ ने घोषणा की कि वह 17 जुलाई को कुलभूषण जाधव मामले में फैसला सुनाएगा।

17 जुलाई, 2019
भारत के लिए एक बड़ी जीत के तौर पर ICJ ने फैसला दिया कि पाकिस्तान को कुलभूषण जाधव के लिए मौत की सजा की समीक्षा करनी चाहिए और उसे राजनयिक पहुंच प्रदान करनी चाहिए।



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